घने जंगल के पास बसे एक शांत गाँव में एक नौजवान दंपती अपने नन्हे बेटे आरव के साथ ख़ुशी-ख़ुशी रहता था। एक दिन बाहर खेलते-खेलते आरव घर से बहुत दूर निकल गया और अनजाने में जंगल में जा घुसा। चारों ओर आसमान छूते पेड़ थे और जंगली जानवरों की आवाज़ें गूँज रही थीं।
“मम्मा! पापा!” आरव ने पुकारा, पर कोई जवाब नहीं आया। वह रास्ता भटक चुका था और बुरी तरह डर गया था।
उधर जंगल की गहराई में फ़ॉक्सी नाम की एक चालाक लोमड़ी की नज़र उस नन्हे बच्चे पर पड़ गई।
“जंगल में इंसान का बच्चा? वाह, आज तो दावत है!” फ़ॉक्सी ने मन ही मन मुस्कराते हुए सोचा।
बुरी नीयत से आँखें चमकाती हुई फ़ॉक्सी दबे पाँव आरव की ओर बढ़ने लगी।
वह झपटने ही वाली थी कि तभी उस पर एक बड़ा-सा साया पड़ा। यह बल्लू भालू था — जंगल का नरमदिल पहलवान।
